वकीलों के लिए डिक्टेशन: क्लाइंट की गोपनीय जानकारी को क्लाउड से दूर कैसे रखें
डिक्टेशन लौट आया है। फ़ोन और AI की बदौलत क्लाइंट मीटिंग, मेमो या पत्र को टेक्स्ट में बदलना पहले से कहीं तेज़ है। पर क्लाइंट की जानकारी को छूने वाला हर टूल गोपनीयता का सवाल खड़ा करता है। यहाँ इस पर सोचने का तरीका है, और डिक्टेशन समाधान चुनने के लिए एक व्यावहारिक चेकलिस्ट।
टूल बदलने से आपका दायित्व नहीं बदलता
ABA Model Rule 1.6(c) के तहत वकीलों को क्लाइंट के प्रतिनिधित्व से जुड़ी जानकारी के अनजाने या अनधिकृत खुलासे, और उस तक अनधिकृत पहुँच, को रोकने के लिए उचित प्रयास करने होते हैं। अमेरिका के ज़्यादातर राज्यों ने इस नियम का कोई न कोई रूप अपनाया है, और तकनीकी दक्षता के दायित्व का मतलब है कि आपसे अपने टूल इतनी अच्छी तरह समझने की अपेक्षा है कि आप उस जानकारी की रक्षा कर सकें।
डिक्टेशन ऐप भी ऐसा ही एक टूल है। अगर यह ऑडियो सर्वर पर भेजता है, तो अब एक थर्ड पार्टी के पास क्लाइंट की गोपनीय जानकारी है: ट्रांसक्रिप्शन प्रदाता, उसका क्लाउड प्रदाता, और शायद समीक्षक या टाइपिस्ट भी।
ABA Formal Opinion 512 क्या जोड़ता है
जुलाई 2024 में ABA ने Formal Opinion 512 जारी किया, जनरेटिव AI पर उसका पहला मार्गदर्शन। टिप्पणीकारों ने AI डिक्टेशन और सारांश के लिए कुछ अहम बिंदु रेखांकित किए हैं:
- गोपनीयता केंद्रीय चिंता है। राय में “सेल्फ़-लर्निंग” AI टूल में क्लाइंट की जानकारी डालने पर खुलासे के जोखिम का ज़िक्र है, फ़र्म के अंदर ही इस्तेमाल होने वाले टूल समेत।
- सूचित सहमति ज़रूरी हो सकती है। प्रतिनिधित्व से जुड़ी जानकारी किसी सेल्फ़-लर्निंग टूल में डालने से पहले, वकील को आम तौर पर क्लाइंट की सूचित सहमति लेनी चाहिए।
- बॉयलरप्लेट काफ़ी नहीं है। एंगेजमेंट लेटर में एक सामान्य धारा सूचित सहमति नहीं है।
- यह मार्गदर्शन है, क़ानून नहीं। ABA की राय बाध्यकारी नहीं, पर प्रभावशाली है। देखें कि आपकी अपनी बार ने क्या कहा है।
क्लाउड बनाम डिवाइस पर ट्रांसक्रिप्शन
क्लाउड डिक्टेशन सेवाएँ आपका ऑडियो अपलोड करती हैं, अपने सर्वर पर ट्रांसक्राइब करती हैं और अक्सर ऑडियो व टेक्स्ट दोनों कुछ समय तक रखती हैं। मानव ट्रांसक्रिप्शन सेवाएँ एक और परत जोड़ती हैं: आपकी फ़र्म के बाहर के लोग रिकॉर्डिंग सुनते हैं।
डिवाइस पर ट्रांसक्रिप्शन स्पीच रिकग्निशन को सीधे आपके फ़ोन या कंप्यूटर पर चलाता है। ऑडियो आपके पास रहता है, जिससे थर्ड पार्टी तस्वीर से बाहर हो जाती है और गोपनीयता का आकलन कहीं आसान हो जाता है।
किसी भी डिक्टेशन ऐप के लिए चेकलिस्ट
- ऑडियो कहाँ प्रोसेस होता है? आपके डिवाइस पर, या विक्रेता के सर्वर पर?
- क्या कुछ स्टोर होता है? ऑडियो, ट्रांसक्रिप्ट और सारांश: कौन रखता है, और कितने समय तक?
- क्या आपकी सामग्री मॉडल ट्रेनिंग में इस्तेमाल होती है? साफ़ “कभी नहीं” खोजें, “हमारी सेवाएँ बेहतर बनाने में इस्तेमाल हो सकती है” नहीं।
- किसकी पहुँच है? विक्रेता के कर्मचारी, ठेकेदार, ट्रांसक्राइबर, सब-प्रोसेसर।
- सुरक्षा कैसे होती है? डिवाइस पर और ट्रांसफ़र के दौरान एन्क्रिप्शन, और ऐप का अपना लॉक।
- क्या अकाउंट ज़रूरी है? अकाउंट का मतलब अक्सर यह होता है कि डेटा विक्रेता के पास सिंक होता है।
- क्या साफ़ एक्सपोर्ट होता है? Word या PDF में, आपके डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम के लिए तैयार।
- क्या पूरी तरह डिलीट किया जा सकता है? विक्रेता के पास मौजूद कॉपियों समेत।
प्राइवेसी को प्राथमिकता देने वाला डिक्टेशन वर्कफ़्लो
- मेमो, मीटिंग नोट्स और पत्र ऐसे ऐप से डिक्टेट करें जो डिवाइस पर ही ट्रांसक्राइब करता हो।
- ट्रांसक्रिप्ट को केस के हिसाब से, किसी एन्क्रिप्टेड और लॉक की गई जगह पर रखें।
- किसी भी ट्रांसक्रिप्ट या सारांश पर भरोसा करने से पहले नाम, तारीख़ें, रक़में और उद्धरण जाँचें।
- अंतिम टेक्स्ट अपने डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम में एक्सपोर्ट करें, फिर अगर आपकी रिटेंशन नीति अनुमति दे तो ऑडियो डिलीट करें।
- अगर किसी क्लाइंट या किसी और के साथ मीटिंग रिकॉर्ड की जा रही है, तो उनकी सहमति लें और अपने यहाँ के रिकॉर्डिंग क़ानूनों का पालन करें।
नोट: यह गाइड सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। आपके क्षेत्राधिकार के पेशेवर आचरण नियम और नैतिकता संबंधी राय लागू रहती हैं।